प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi - PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) योजना का विस्तृत विश्लेषण

प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi - PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) योजना

प्रधानमंत्री स्वनिधि (PM SVANidhi - PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi) योजना ने जून 2026 के पहले सप्ताह में अपने सफल 6 वर्ष पूरे कर लिए हैं। यह सूक्ष्म-ऋण (micro-credit) योजना भारत के अनौपचारिक क्षेत्र (informal sector) के कायाकल्प में मील का पत्थर साबित हुई है।

प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC, State PSC, SSC) के दृष्टिकोण से इस योजना का विस्तृत विश्लेषण नीचे दिया गया है:

1. योजना का परिचय और मंत्रालय (Introduction & Ministry)लॉन्च तिथि: इसे 1 जून 2020 को लॉन्च किया गया था।मंत्रालय: यह आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) की एक केंद्रीय क्षेत्र की योजना (Central Sector Scheme) है।कार्यान्वयन एजेंसी: इस योजना को जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI) तकनीकी भागीदार और मुख्य कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में कार्य करता है।

2. मुख्य उद्देश्य (Core Objectives)महामारी (COVID-19) से प्रभावित शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के स्ट्रीट वेंडर्स (रेहड़ी-पटरी वालों) को अपनी आजीविका फिर से शुरू करने के लिए सस्ती कार्यशील पूंजी (working capital loan) प्रदान करना।रेहड़ी-पटरी वालों को साहूकारों (money lenders) के चंगुल से निकालकर औपचारिक बैंकिंग प्रणाली (formal banking) का हिस्सा बनाना।डिजिटल लेनदेन (Digital Transactions) को बढ़ावा देकर रेहड़ी-पटरी वालों की क्रेडिट स्कोर (credit history) मजबूत करना।

3. ऋण की संरचना (Graduated Loan Structure)यह योजना बिना किसी गारंटी (Collateral-Free) के तीन चरणों में ऋण प्रदान करती है:प्रथम ऋण (First Tranche): शुरुआती कार्यशील पूंजी के रूप में ₹10,000 तक का ऋण (1 वर्ष की अवधि के लिए)।द्वितीय ऋण (Second Tranche): पहला ऋण समय पर चुकाने पर ₹20,000 तक का अगला ऋण।तृतीय ऋण (Third Tranche): दूसरा ऋण भी समय पर चुकाने पर ₹50,000 तक का बड़ा ऋण प्रदान किया जाता है।

4. वित्तीय प्रोत्साहन और सब्सिडी (Financial Incentives)ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy): समय पर या समय से पहले ऋण का भुगतान करने वाले वेंडर्स को 7% की वार्षिक ब्याज सब्सिडी दी जाती है। यह सब्सिडी सीधे उनके बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) तिमाही आधार पर जमा होती है।डिजिटल लेनदेन कैशबैक (Digital Cashback): डिजिटल भुगतान (जैसे UPI के जरिए पेमेंट लेने) को बढ़ावा देने के लिए प्रतिवर्ष ₹1,200 तक का कैशबैक (₹100 प्रति माह) दिया जाता है।शून्य जुर्माना: समय से पहले ऋण चुकाने (Pre-payment) पर बैंक द्वारा कोई पेनल्टी या जुर्माना नहीं लगाया जाता।

5. जून 2026 तक की प्रमुख उपलब्धियां (Key Achievements as of June 2026)लक्षित लाभार्थी: इस योजना ने देश भर में 75 लाख से अधिक अद्वितीय (unique) स्ट्रीट वेंडर्स को कवर किया है, जिससे करोड़ों परिवारों को प्रत्यक्ष वित्तीय सुरक्षा मिली है।महिला सशक्तिकरण: कुल लाभार्थियों में लगभग 44% से अधिक महिलाएं हैं, जो इस योजना के समावेशी (inclusive) स्वरूप को दर्शाता है।क्रेडिट स्कोर का निर्माण: लगभग 15-20% वेंडर्स ऐसे हैं जिन्होंने सफलतापूर्वक ₹50,000 (तीसरे चरण) का ऋण प्राप्त कर लिया है, जिससे साबित होता है कि उनका क्रेडिट स्कोर सुधरा है और वे अब मुख्यधारा के उद्यमी बन रहे हैं।

6. 'स्वनिधि से समृद्धि' (SVANidhi se Samriddhi) उप-योजनालाभार्थियों के समग्र विकास के लिए MoHUA ने 'स्वनिधि से समृद्धि' कार्यक्रम शुरू किया।इसके तहत वेंडर्स और उनके परिवारों को भारत सरकार की 8 अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाता है, जैसे:पीएम जीवन ज्योति बीमा योजनापीएम सुरक्षा बीमा योजनापीएम श्रम योगी मान-धन योजनाएक राष्ट्र एक राशन कार्ड (ONORC)जननी सुरक्षा योजना आदि।



Post a Comment

0 Comments